पचमढ़ी को कैलाश पर्वत के बाद महादेव का दूसरा घर कहते हैं. इसीलिए महादेव के साथ उनके गणों ने भी पचमढ़ी में अपना स्थान बनाया है. सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी की घनी पहाडिय़ों के बीच एक ऐसा देवस्थान है जिसे नागलोक का मार्ग या नागद्वार के नाम से जाना जाता है.from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2Zvc5AP
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