भोपाल की इस झु्ग्गी बस्ती के मज़दूर भुखमरी के कगार पर, अभी तक नहीं पहुंची मदद

लोगों ने बताया कि उनका परिवार आसपास ऐसे खेतों में, जहां गेहूं की कटाई हो गई है,वहां पर दिन भर गेहूं की बालियां ढूंढते हैं. इन बालियों को घर लाकर पत्थर से कूटा जाता है. और इसके बाद उसमें से निकले गेहूं के दानों को पीसकर रोटी बनाते हैं

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