दंगे भड़के (Communal Riots) तो आग में घी नहीं डाला, छुपे, डरे नहीं, जान बचाने के लिए भागे नहीं और न ही नफरत की आग पर रोटियां सेकीं, सच्चे इंसान का फर्ज़ निभाते हुए दंगे रोकने की कोशिश में अपना बलिदान दे गए थे विद्यार्थी.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3clzIVa
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