‘महाराज, नाराज हो. आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोपड़ी में जो हजारों टोकरियां मिट्टी पड़ी है. उनका भार आप जन्म भर क्यों कर उठा सकेंगे? आप ही इस बात पर विचार कीजिए.’ रसूख और कानूनी दांवपेंच से झोपड़ी हड़पने वाले जमींदार का हृदय परिवर्तन कर ...from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3wJBzuM
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