संकाय एसोसिएशन के एक सूत्र ने बताया, प्रमुखों ने बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों को सुनने के बाद खुद को अपमानित महसूस किया और सामूहिक रूप से कहा कि वे 'चौकीदार' नहीं बन सकते. विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को इसकी जांच करनी चाहिए.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3jIjg5E
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