POCSO Act Skin to Skin touch case: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच की जस्टिस पुष्पा गनेदीवाला की सिंगल बेंच ने सत्र न्यायालय के उस आदेश को संशोधित करते हुए यह अवलोकन किया था, जिसमें एक 39 वर्षीय व्यक्ति को 12 साल की लड़की से छेड़छाड़ करने और उसकी सलवार निकालने के लिए यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था. इसके अलावा फैसले में सिंगल जज ने कहा था कि प्रत्यक्ष शारीरिक संपर्क यानी यौन प्रवेश के बिना त्वचा-से-त्वचा संपर्क (स्किन टू स्किन टच) यौन उत्पीड़न नहीं है.
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