Uttar Pradesh Elections 2022: पहचान का मुद्दा ही अंत में ऐसा मुद्दा है जो पश्चिम उत्तर प्रदेश में सबसे ऊपर है. 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के बाद जाट बीजेपी के खेमे में इसलिए चले गए थे क्योंकि उनका मानना है कि सपा मुस्लिमों के पक्ष में तुष्टिकरण की राजनीति करती है. जयंत चौधरी ने भाई चारा सम्मेलन के जरिए इस दूरी को पाटने और दोनों संप्रदायों के बीच भरोसा जगाने की कोशिश भी की थी. लेकिन बीजेपी भी पहचान के मुद्दे को मजबूती प्रदान करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती है.
from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3nJ43TC
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
'मेरी आगे की जिंदगी...', Dharmendra के बिना हर पल टूट रही हैं Hema Malini! आंसू देख फैंस का पसीजा दिल
हेमा मालिनी का एक वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पति धर्मेंद्र को याद करते हुए काफी भावुक हो गईं। from Jagran Hindi...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें