आत्मनिर्भर भारत की बेमिसाल कहानी: किडनी की बीमारी के चलते राधेश्याम मुंडा को BSL की नौकरी छोड़नी पड़ी थी. राधेश्याम को जब लग रहा था कि जिंदगी हर दिन उनसे दूरी बनाती जा रही है, तभी उन्होंने अपने अदम्य साहस से न केवल मौत से जंग जीती, बल्कि आज के दिन वह अपने इंजीनियर बेटे को 15,000 रुपये प्रति महीने की नौकरी भी दे रहे हैं. पढ़ें एक आम इंसान के हजारों-लाखों लोगों के लिए मिसाल बनने की कहानी...
from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3xzzCTf
Home / देश
/ किडनी की बीमारी के चलते छूटी नौकरी तो शुरू कर दी खेती, इंजीनियर बेटे को नौकरी पर रखा, जानें राधेश्याम मुंडा की कहानी
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
नागौर के रामदेव पशु मेले में कुचामन की घोड़ियों का दबदबा, ‘काजल’ ने जीता दर्शकों का दिल
Nagaur Ramdev Pashu Mela: नागौर में आयोजित श्री रामदेव पशु मेले में इस वर्ष कुचामन क्षेत्र की घोड़ियों ने खास पहचान बनाई है. घोड़ा प्रतियोगि...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें