दूसरी लहर के दौरान जिसे समझ रहे थे ‘चमत्कारिक’ दवा, वो मौत के खतरे को भी नहीं करती कम

Remdesivir: दूसरी लहर के प्रकोप से पहले नवंबर 2020 में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर अपना परामर्श जारी करते हुए कहा था कि कोविड के मरीजों को बचाने में यह दवा कारगर है ऐसे फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं मिलते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने सॉलिडेरिटी ट्रायल के आधार पर यह सुझाव दिया कि, मृत्युदर,वेंटिलेटर, रोगी में सुधार का समय जैसे मामलों में दवा का कोई खास असर नजर नहीं आता है.

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