नन्हा बचपन, ज्यादा बोझ

  नन्हा सा वजूद ढेर सारी जिम्मेदारी, बात-बात पर टोका-टाकी, हर क्षण प्रश्नों के उत्तर की चाह करना, छोटी सी जान से ज्यादा की अपेक्षा करना, हर घर की कहानी हो गई है. प्रायः घर में शिशु के जन्म के बाद खुशियों की वजह से बहुत लाड़ प्यार से बच्चों को ...

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