भगत सिंह खुद को नास्तिक कहते थे. वो कहते थे कि मेरे ईश्वर पर विश्वास नहीं करने का कारण मेरा अहं या घमंड नहीं है बल्कि उसकी कई वजहें हैं. हालांकि भगत सिंह ने लाहौर सेंट्रल जेल में चार सौ से ज्यादा पन्नों की एक डायरी लिखी थी. डायरी में लिखी पंक्ति में जिन 'परवरदिगार' और 'फरिश्ते' जैसे शब्दों का ज़िक्र हुआ है. उसका मतलब 'ईश्वर' और 'ईश्वर के दूत' ही है.
from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/L1rgZIl
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
'मेरी आगे की जिंदगी...', Dharmendra के बिना हर पल टूट रही हैं Hema Malini! आंसू देख फैंस का पसीजा दिल
हेमा मालिनी का एक वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पति धर्मेंद्र को याद करते हुए काफी भावुक हो गईं। from Jagran Hindi...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें