Bihar News: पुरानी परंपराओं की मानें किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद पुत्र के नहीं रहने पर अन्य पुरुष रिश्तेदार मुखाग्नि देते हैं और श्राद्ध कर्म करते हैं. मगर पिता की मृत्यु के बाद एक पुत्री ने वह तमाम संस्कार किया जिसे पारंपरिक और धार्मिक मायनों में पुत्रों का अधिकार माना जाता है. एक बेटी के द्वारा अपने पिता का श्राद्ध कर्म करने की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.
from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/H6z1siC
Home / देश
/ मिसाल बनी अनमोल मोती! पिता का श्राद्ध कर्म किया तो समाज ने पगड़ी व चादर देकर किया सम्मान
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
पाकिस्तान से आए भारत, 'जब वी मेट' ने दिलाया स्टारडम... ऑनस्क्रीन 'सरदार' के रोल्स पर बोले Pavan Malhotra
ओह माय डॉग और जब वी मेट अभिनेता पवन मल्होत्रा ने ज्यादातर सरदार के रोल्स करने पर बात की है। उन्होंने यह भी बताया कि किस फिल्म को देख वह खूब ...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें