बंदर की बदमाशी से पूरे इलाके के लोग परेशान थे. कभी वो लोगों के घरों में घुसकर वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचा रहा था. तो कभी बुजुर्ग और बच्चों को डरा रहा था. यह हुड़दंगी बंदर राहगीरों को भी छेड़ने का काम कर रहा था. आलम यह था कि बंदर कई बार बीच रोड पर ऐसा उत्पात मचाता था जैसे कोई इंसान गुंडागर्दी कर रहा हो. इस प्रकार से उसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था
from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/lrOwUsQ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
पहले ठुकराया, फिर गुस्से में Lata Mangeshkar ने गाया था ये कालजयी गाना; स्टूडियो में डायरेक्टर की थी नो-एंट्री
स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने सिनेमा के एक कल्ट क्लासिक गाने को आवाज देने से इनकार कर दिया था। बाद में गाया तो लेकिन गुस्से म...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें