कुमाउनी काव्य के 200 वर्षों की रोचक यात्रा है ललित मोहन जोशी की 'अंगवाल'

'अंगवाल' कुमाउनी गीत काव्य पर आधारित फिल्म है. इसमें कुमाऊं के बीते 200 वर्षों के समृद्ध साहित्य, साहित्यकार खासकार कवि और गीतकारों का उल्लेख किया गया है. फिल्म एक प्रकार से साहित्यिक धरोहर को संवारने और संजोने का एक अच्छा प्रयास है साथ ही फिल्म निर्माता की अपनी जड़ों की ओर लौटने की मार्मिक संवेदना भी है.

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