hate speech case hearing in supreme court:जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि हम राज्यों को नोटिस जारी करेंगे. राज्य बताएं कि क्या नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है या नहीं? याचिकाकर्ता की तरफ से वकील निज़ाम पाशा ने कहा अगर कोई व्यक्ति घृणास्पद भाषण देता है तो उसको दोबारा सभाओं को संबोधित करने की अनुमति दी जाती है.
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