जाते हुए साल में व्यंग्य, कहानी, कविता, बाल साहित्य की पुस्तकों ने मचाई धूम

किताबों का संसार लगातार नए रंग-आकार गढ़ता जा रहा है. अब शब्द किताबों का सफ्हों ने निकलकर मोबाइल, लैपटॉप की डिजिटल स्क्रीन पर उमड़ते हुए नए-नए पाठकों की रचनाएं कर रहे हैं. कुछ शब्दों ने डिजिटल दुनिया से निकल कर किताब की शक्ल अख्तियार की है. कुल मिलाकर डिजिटल दुनिया ने शब्दों और पाठकों को संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं.

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