मेहमानों के लिए दूसरे दिन का ड्रेस कोड ‘जंगल फीवर’ के रूप में था. सभी गेस्ट को इस कार्यक्रम के लिए आरामदायक जूते और कपड़े पहनने की सलाह दी गई थी. सभी मेहमानों ने ड्रेस कोड का पालन करते हुए जानवरों के प्रिंट से लेकर रंगीन पैलेट तक के आरामदायक कपड़े पहने हुए थे.
from देश News in Hindi, देश Latest News, देश News https://ift.tt/rfqRZlG
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
विशिष्ट पोस्ट
मां कामाख्या के लाखों श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान, ₹213 करोड़ से बनेगा रोपवे, 6 मिनट में यात्रा होगी पूरी
Maa Kamakhya Devi Temple Ropeway: मां कामाख्या देवी मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालु जाते हैं. मंदिर भवन तक का सफर आसान हो इसके लिए असम सरकार अ...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें