'मुगल ए आजम' में दिखे थे सोने के श्रीकृष्ण, फिल्म के लिए के.आसिफ ने दिन-रात कर दिया था एक, तनातनी के बीच हुई थी शूटिंग

वे सिनेमा के उस काल में परिपूर्णता का प्रतिबिंब थे जब ऐसा कोई सोचता भी नहीं था। यह निर्देशक करीम आसिफ उर्फ के. आसिफ का परिपूर्णतावादी सोच ही था जिसने ‘मुगल ए आजम’ को केवल एक फिल्म नहीं बल्कि शाहकार बना दिया। यह फिल्म आज के जमाने में बनने वाली फिल्मों के बीच भी हिट है। के. आसिफ की जन्मतिथि (14 जून) पर अनंत विजय का आलेख...

from Jagran Hindi News - entertainment:bollywood https://ift.tt/EMaoLXg
Share on Google Plus

About mahesh shende

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

Mirzapur The Movie X Review: थिएटर्स में हुआ 'भौकाल' टाइट या ठंडा पड़ा सस्पेंस? दर्शकों ने सुना दिया फैसला

मिर्जापुर- द मूवी देखने का इंतजार फाइनली खत्म हुआ। यह फिल्म 4 सितंबर को ऑडियंस के हवाले हो गई, जिस पर उन्होंने अपना फैसला भी सुना दिया है।  ...