दिल्ली एनसीआर में एक बच्चे के जन्म और उसके बचने के बाद बहुत सारे लोगों के लिए उम्मीद की किरण पैदा हो गई है. यह घटना बताती है कि अब 22 हफ्ते के प्रीमैच्योर बच्चों को भी बचाया जा सकता है. दिल्ली पटपड़गंज के क्लाउड नाइन अस्पताल में आईवीएफ की मदद से प्रेग्नेंट हुई एक महिला ने 22 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में ही बच्ची को जन्म दे दिया, हालांकि 105 दिनों तक एनआईसीयू में रहने के बाद बच्ची को न केवल बचाया गया है बल्कि वह एकदम स्वस्थ भी है.
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