न्यायमूर्ति RMT टीका रमन और न्यायमूर्ति पीबी बालाजी की पीठ ने पारिवारिक अदालत में पति द्वारा दायर तलाक याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही. पति ने ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि शादी से पहले ही उसकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थी और उसने इस तथ्य को छुपाया था. इसलिए, बच्चे को जन्म देने की क्षमता पत्नी में नहीं थी. पारिवारिक अदालत में बताया गया कि शादी से पहले पत्नी में कैंसर के कोई लक्षण नहीं थे. इसलिए, पति की याचिका खारिज कर दी थी.
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